Sad Shayari

सब्र हर बार .....अख़्तियार किया  !
हमसे होता नहीं....हज़ार किया  !!
आदतन तुमने कर दिये....वादे  !!!
आदतन हमने...ऐतबार किया  !!!!

बिकती है ना ख़ुशी कहीं,
ना ही कहीं ग़म बिकता है.....  
लोग गलतफ़हमी में हैं.....  
शायद कहीं मरहम बिकता हैं  !!

लफ्जों की दहलीज़ पर जुबां घबराते हैं !
तन्हां लोग अक़सर महफ़िल से घबराते है !!

आरज़ू तो थी तेरे पहलू में शाम नहीं....ज़िंदगी गुज़रे !
बोझिल पलकें देखें....तेरे हि ख़्वाब सुनहरे !!
सब्र का हमने साथ न छोड़ा वक़्त ने लगाए कितने हि पहरे !!!





2 comments:

  1. I generally check this kind of article and I found your article which is related to my interest. Genuinely, it is good and instructive information about sad shayari motivational Thanks for sharing an amazing article here.

    ReplyDelete

If you have any doubts let me know.

Recent Post

Ek Shaam......

मन के मरू पर लगा है गिद्धों का पहरा,  दिल की दहलीज़ खुली फिर चमका एक भरम का तारा, जिस्मों के भीड़ में भटक रहा जाने कब से रूह अकेला !! शहरी लिब...

"Feel Love Through Poetry"