महफ़िल में जब भी बात होती है,.....ये बात बहुत आम होती है !
शुरू कही से भी हो,..... ख़त्म औरत पर बात होती है 😍😍
फ़िर लगी यारों की महफ़िल,..... निकली भड़ास दिल की !
देखूँ सूरत आईने में,....सिरत क्यों,.....दिखने लगती है 😊😊
यार,... औरत ही औरत की दुश्मन क्यों लगती है !!
सवाल में इतनी गहराई है,.... नाप सके न आज तक जिसे खुदाई है 😖😖
तुमने आज अगर गुहार लगाई है,.....तो सुन,... ये सच्चाई है !!
औरत त्याग की मूरत होती है,.....खुदको को छोड़ सबकी क़द्र होती है 😐😐
माँ होकर भी,.....एक माँ का दर्द करती अनदेखा है,....बेटी होकर भी बेटी से ही पंगा है !!
कहने को तो परिवार की धुरी है,....समझना ये जरुरी है नारी - नारी के बिन अधूरी है 😊😊
अपना हक़ और मंज़िल पाना आसान हो जाए,..... अगर औरत हि औरत की दोस्त हो जाए !!
अगर सच हो ये बातें तो विचार करो,.... खुदके जैसा दूसरों संग व्यवहार करो 💕💕
वर्ना,....... हाथ जोड़े हूँ,.... मुझे माफ़ करो 🙏🙏🙏










