हम हो हर हिन्दुस्तानी के,.....और हर हिन्द हमारा हो,
पहले हिन्दुस्तानी हम,.....जन - जन का ये बस नारा हो !!
गंगा हो या यमुना हो,.....निश्छल बहने का जज़्बा हो,
हे ईश्वर, तेरे इस जहां में,......नफ़रत का न इक क़तरा हो !!
हम हो हर हिन्दुस्तानी के,......और हर हिन्द हमारा हो,
सिर्फ शीष गिराने में नहीं,......खींची लक़ीर मिटाने का भी जज़्बा हो!!
जब भी गिरु इस धरा पर,......हाथ में बस तिरंगा हो,
जितने दफे लू जनम,......सरजमीं वो भारतवर्ष हमारा हो !!

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