ऐसा लगता है आजकल.......,
....... हम थोड़ा ज्यादा फ़िक्र में रहते है !
चलते चलते राहों में अकसर,कदम भी हिचकोले लेते है !!
सुनी राहों में भी अब, कहाँ हम अकेले होते है !!!
👫💖👫
अनसुनी हर आहट भी, अब तेरे आने का जिक्र करती है !
आते - जाते हर निशां को ये, बड़े गौर से देखा करती है !!
झिलमिल ही सही पर इन में, तेरे साथ का वो नज़ारा है !!!
💕💑💕
जो ढलती हर शाम हमने साथ, खुली आँखों से निहारा है !
उन तन्हाँ रातों की बात क्या करुँ, बात पुरानी सी लगती है !!
आज तो हर कली कहती कहानी, अपनी सी लगती है !!!
💓👌💗
जुगनुँओं से सजी ये रात, जिसमें तारे भी चमकते है !
दिया बाती है दुल्हा दुलहन आज,तो पतंगें बाराती से लगते है !!
क्या इन्हें तुमने, जमीं से पहले मेरी आँखों में उतारा है !!
संग मेरे रहे तू ,तेरी फिक्र में मैं,
और कुछ न मिले इस जहाँ से.........आज से ये भी गवारा है !!!
💝💞💝

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