Friday, June 26, 2026

Sabse Haseen Alfaaz Ho Tum....,

कैसे बताऊ तुम्हें मेरे लिए तुम क्या हो ?
💕
मस्जिद की पहली अज़ान हो तुम, 
माँगा जिसे रोज़ दुआओं में हम ,
रात सिरहाने खुले थे जो ख़्वाब, 
उसकी हसीं शुरुवात हो तुम !! 
💗
सुनहरी धूप की किरण नभ से,
छन - छन आती जमीं पर,
ज़ेहन के जगते सवालों में, 
अकसर हो जाता हूँ मैं ग़ुम !!
💘
ख़ामोशी से नज़रे पढ़ रही,
सुने लम्हों में लिखी किताब, 
चाँद की इस ठंडी रोशनी में, 
सुकून भरी कोई रात हो तुम !!
💑
दो लफ्जों में बट गए मेरे अक्षर,
जिसका पन्ना तूने पढ़ा नहीं,
वाकिफ़ है यहाँ सब मेरे लहज़े से,
पर इन लफ्ज़ों की पहचान हो तुम !! 
💖
लिखना चाहा तुझे कई दफ़े,
खामोशियों में छुपे जज़्बात हो,
मेरी अधूरी सी ग़ज़ल का, 
सबसे हसीं अल्फ़ाज़ हो तुम !!
💝
न सोना, न चाँदी, न कोई ताज़,
बस मेरे हाथों को तेरे हाथों का साथ,
न मिटने वाली उम्र भर, 
उस मोहब्बत का आगाज़ हो तुम !!
💞💞
लगता है वक़्त आज भी वहीं कहीं अटका है,
जहाँ तेरा नाम मेरे ख्यालों में महका है,
यादें तेरी छेड़ जाती हैं दिल में मीठी शरारतें,
लबों पे बिन वजह ठहरती वो मुस्कान हो तुम,   
मेरी अधूरी सी ग़ज़ल का, 
सबसे हसीं अल्फ़ाज़ हो तुम 💫 💕 💫 💕 💫

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