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Wednesday, June 24, 2020

Phir Subah Hogiii...

माना राहें है पुरख़तर नहीं
और न रहीं आसान ज़िंदगी........
बैठे क्यों गुमसुम हो,करके बंद खिड़की सभी
गुज़रे वक़्त है बहुत,पर याद में ज़िंदा लम्हा नहीं 
शाम ढलती तो रोज़ है,पर सुबह मेरी होती नहीं !!

नभ में तारें पिघल - पिघल

रोशन करें आसमां का जहां........
लगा ग्रहण है सूरज को,फिर क्यों झुलस रही जमीं
उभर आए कितने दिनकर,बनकर कवि अभी
सोए है रस्तें फ़िर भी ऐसे,जैसे धूप मयस्सर हुई नहीं !!

तपते मरू पर चलते - चलते

नापी है हौसलों से सरजमीं.........
कहते है सोहबत से,शख्सियत निखरती है भली 
सूखे पड़े साख़ से,ऐज़ाज़ के फल तोड़ा है कभी 
जमी हो जहाँ बरसों की धूल,वहाँ बारिश भी ठहरती नहीं !!

सपनों को अपने मोहलत दो 

पल जो है पराये वो है गुजरने को.......... 
लेने दे कड़ा इम्तिहान,कर ऊँचा तू इरादों की उड़ान   
लाख शातिर मंसूबे रखें,चाहें कोई कितना ही सही
ढली शाम है आख़िर,फ़िर सुबह होगी ही कहीं !!

Thursday, March 26, 2020

Tu Chal To Sahiii...


सोचा जो है हो जाए गर, चाहा जो मिल जाये गर,

मुश्किल है सब्र की डगर, दिन बदलने में भी लगता है पहर,

माना राहें आसान नहीं, मुमक़िन हर मुक़ाम नहीं,

थकने दे राहों को,....  तू मत कर आराम कहीं,

तू चल तो सही......,

समंदर सि इस सुनामी में, लहरों से न भाग तू ,

साहिल की चाह में, अपने वजुद को न हार तू ,

अँधेरों को चीरती, बन रौशनी की मिसाल तू ,

चाहे बदलनी पड़े तुझे,..... ज़िंदगी में पतवार कई,

तू चल तो सही......,

कुछ गर पाने की आस है, तो सिख लक्ष्य साधना,

हौसले के तीर से, ज़िद अपनी भेदना,

मायूस न हो खुद से, ख़ास हर प्रयास कर,

मिले शिकस्त तो क्या, खुद से और बेहतर सवाल कर,

उठे सवालों का हल,..... आसां हो मुमक़िन नहीं,

तू चल तो सही......,

फँसा है तू कुरुक्षेत्र में, कब तक बचेगा गिद्धों के नेत्र से ,

अपना मनोबल सहस्त्र कर ,योद्धा बन युद्ध कर ,

अंत का पता नहीं,.... हर वार खली हो ये भी मुमक़िन नहीं ,
  
तू चल तो सही......,


                              ज़िंदगी से जुंग जारी है.........जख्मों पर रोना लाचारी है !!







Friday, February 21, 2020

Hosla rakh.....


चल पड़े हो जिस सफर पर....... क़ायम तू..... हौसला रख,

राहों में कहीं सहरा.....कहीं पे समंदर भी आयेंगे, 

कभी न कभी लहरें तुम्हें.....साहिल पर छोड़ जायेंगे !!

खुले आसमां से.....तू डर मत.....पर् तो मिले है तुझे, 

उड़ान को ऊंची..... साहस भी आ जायेंगे !!

पेड़ है....पतझड़ तो आएंगे....रिश्तें है तो कुछ

सर इल्ज़ाम भी लायेंगे.....संयम संग चले तो सब 

निपट जायेंगे !!

मंज़िल की प्यास न छोड़...... होड़ में तू न दौड़, 

आज है जो थमा थमा सा.... कल की बारिश में 

चल निकलेगा वो  !! 

रूप - रंग नहीं..... अपनी सोच की थोड़ी चाल 

बदल......मिजाज़ ख़ुद बदल जायेंगे ,

मरहम का पता हो तो......ज़ख़्म भी सूख जायेंगे  !!



Thursday, December 19, 2019

Kuch toh kahenge hi log..

Sabse bada rog...kya kahenge log....😈

Free net aur free time hai.....

                

Sawalo ke jawab dete dete.....lagta hai khud ek sawal  hoon..,

Sabki sun sun....khud se hi paresaan hoon...,

Sab sath toh hai...koi kami nahi...phir kyu mayush hoon..,

Itna shor hai andar......,bahar kyu khamosh hoon..,

Kahte hai log...waqt badlega..., 

Jo chahega woh mil jayega....patjhad me bhi phool khil jayega..,

Kaun hai tu...,

Kishne yaha sab kuch paya hai.... jo tu payega..,

Waqt ke sath tu yeh bhi...... samajh jayega..,

Humari zindgi khuli kitab.. ya..bezaan  laash hai.....suna yeh kai baar hai..,

Meri mano....,hmri zindgi ek gaana hai... jise sabko aake bajana hai..,

Aab mujhse,......na ho payega...,tut chuka hoon..,haar chuka hoon mein..,

Jo kai baar kah chuka hoon mein....,yeh sare bahane hai..,

Sabse nazre bachane ke...aur khud se  na kah paane ke..,

Chahat galat hoti hai......,jo paya sahi paya....,

Yeh baatein dimag ko samajh aati hai......Dil ko nahii..,






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