चल पड़े हो जिस सफर पर....... क़ायम तू..... हौसला रख,
राहों में कहीं सहरा.....कहीं पे समंदर भी आयेंगे,
कभी न कभी लहरें तुम्हें.....साहिल पर छोड़ जायेंगे !!
खुले आसमां से.....तू डर मत.....पर् तो मिले है तुझे,
उड़ान को ऊंची..... साहस भी आ जायेंगे !!
पेड़ है....पतझड़ तो आएंगे....रिश्तें है तो कुछ
सर इल्ज़ाम भी लायेंगे.....संयम संग चले तो सब
निपट जायेंगे !!
मंज़िल की प्यास न छोड़...... होड़ में तू न दौड़,
आज है जो थमा थमा सा.... कल की बारिश में
चल निकलेगा वो !!
रूप - रंग नहीं..... अपनी सोच की थोड़ी चाल
बदल......मिजाज़ ख़ुद बदल जायेंगे ,
मरहम का पता हो तो......ज़ख़्म भी सूख जायेंगे !!

No comments:
Post a Comment
If you have any doubts let me know.