Thursday, April 15, 2021

Ek Khwaab....

बात है सीधी सी...... पर लगती है पहेली सी, 
जब भी ये आती है, रात करवट में कट जाती है, 
आँखों में बेचैनी की लहरें.......और धड़कन में, 
...........नई हरकत सी भर जाती है !!

💗💗💗
इसे सवारने को.....पड़ी सिलवटें हटाने को,  
जाने कब नज़रे आईना बन जाती है, 
बड़ी पाबन्द होती है पलकें...... फिर भी, 
रुक - रुक कर ये.....दिल को सलाम कर जाती है !!

💝💝💝
बस एक ख़्वाब है तू......... सिर्फ़ एक ख़्वाब....  
फिर क्यों ? ........ तेरे इंतज़ार में, 
ये पलकें टकटकी लगाये, घड़ियाँ निहारती रहती है,
........ तेरे सिर्फ़ जिक्र से,  
आते - जाते हर ख़्वाब को गिला कर जाती है !! 

💖💖💖
नहीं आता समझ मुझे, शिकायत करू या जाने दूँ,
या इन्हें जोड़ नई कहानी बुनूँ.........   
या बाकि सपनों की तरह, इसकी प्यास को भी, 
.......अपने अंदर मेहफ़ूज़ करूँ !!  

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