हर तरफ मशहूर हुआ इतना
अब ग़ुमनाम होने की हसरत है
देखूँ जब भी आसमां
होने लगती दूरी से नफ़रत है
जलते दीये की रोशनी भी
तब चाँद सी लगती है
जब अजनबी शहर में
अँधेरी रात.........
थोड़ी ठहर कर गुज़रती है
चलो कुछ माहौल
साझा करते है
खूबसूरत लोग और कुछ
खूबसूरती की बात करते है
करीने से लगा रखें है......
टेबल पर मौसमी फूलों के
जैसे बाज़ार सजा रखें है
आस - पास भिनना रहे
कई चाहने वाले
छिनकर रंगत इसकी
खुद को कहे इनके रखवाले
हो गया है इश्क़ इन्हें
फूलों की संगत से
सोचे रंग - संग ख़ुश्बू भी
कर दे इनके हवाले........
बचे कुछ कोरे पन्ने है
सूखी जिसमें कुछ पंखुरियाँ है
देख इन्हें लगता है
हर साथ होता यहाँ अधूरा है.......
कुछ बीती बातें है इस ज़िंदगी की
अब भी अनकही.........
मुड़कर यूँ देखती है मुझको
जैसे जानती तक नहीं.......
अब ग़ुमनाम होने की हसरत है
देखूँ जब भी आसमां
होने लगती दूरी से नफ़रत है
जलते दीये की रोशनी भी
तब चाँद सी लगती है
जब अजनबी शहर में
अँधेरी रात.........
थोड़ी ठहर कर गुज़रती है
चलो कुछ माहौल
साझा करते है
खूबसूरत लोग और कुछ
खूबसूरती की बात करते है
करीने से लगा रखें है......
टेबल पर मौसमी फूलों के
जैसे बाज़ार सजा रखें है
आस - पास भिनना रहे
कई चाहने वाले
छिनकर रंगत इसकी
खुद को कहे इनके रखवाले
हो गया है इश्क़ इन्हें
फूलों की संगत से
सोचे रंग - संग ख़ुश्बू भी
कर दे इनके हवाले........
बचे कुछ कोरे पन्ने है
सूखी जिसमें कुछ पंखुरियाँ है
देख इन्हें लगता है
हर साथ होता यहाँ अधूरा है.......
कुछ बीती बातें है इस ज़िंदगी की
अब भी अनकही.........
मुड़कर यूँ देखती है मुझको
जैसे जानती तक नहीं.......

No comments:
Post a Comment
If you have any doubts let me know.