Thursday, February 27, 2020

Badal Gayi Rajneeti...


नदामतों के चिराग़ रौशन होते हि......

.... इबादत में हाथ उठते है !!

खुदा का मर्म पाते हि अश्क़..... फ़ना हो कहते है !!

करनी है दुश्मनी तो...... अँधेरों से कर !

किरण तो रौशनी के..... छुपे शस्त्र होते है !!

सत्य से संघर्ष तो..... निरंतर जारी हैं !

आज फिर से अँधेरों ने हमें..... चुनौती दे मारी हैं !!

मन की परतें खोल...... औरों से न सही,

खुद से....सत्य तो बोल.......,

हम निहत्थे शत्रु कब तक..... टिकेंगे इस अखाड़े में,

धूल उड़ेंगे राजधानी में और...... कब तक 

 राम - रहीम कटकर मरघट जायेंगे  !!

तूफ़ां का तेवर देख.....नेताओं की नीति बदल गयी  !

आज नए भारत में...... राजनीती बदल गयी  !!

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