दिल ढूँढ़ता है..... फ़िर वहीं फ़ुरसत के चार पल !!
बीता जो किसी के तसव्वूर में, हाथों में हाथ लिए,
अरमानों के मेले में..... बिके अल्फ़ाज़ लिए 💘💘💘
दिल ढूँढ़ता है..... फ़िर वहीं हाल ए दिल बयां !!
करती नज़रे जो आईना बन..... सूरत लिए मेरी,
बैठें रहे छाँव में तेरी.....पलकों में इंतज़ार लिए 💖💖💖
दिल ढूँढ़ता है..... फिर वहीं मुक़मल मुलाक़ात !!
गैरों की नज़रों से छिप..... सूरज की ओट में,
खुले मैदानों के बीच jaana...... संग एक दूजे का लिए 💓💓💓
दिल ढूँढ़ता है..... फ़िर वहीं हक़ इबादत का !!
उठे रूह से दुआ बन रब की, पहुँचे तुझ तक भी sadaa जिसकी,
बेवज़ह होता नहीं कुछ, देखूँ जब....... अपने हथेलियों को लकीरें तेरी लिए 💕💕💕
करती नज़रे जो आईना बन..... सूरत लिए मेरी,
बैठें रहे छाँव में तेरी.....पलकों में इंतज़ार लिए 💖💖💖
दिल ढूँढ़ता है..... फिर वहीं मुक़मल मुलाक़ात !!
गैरों की नज़रों से छिप..... सूरज की ओट में,
खुले मैदानों के बीच jaana...... संग एक दूजे का लिए 💓💓💓
दिल ढूँढ़ता है..... फ़िर वहीं हक़ इबादत का !!
उठे रूह से दुआ बन रब की, पहुँचे तुझ तक भी sadaa जिसकी,
बेवज़ह होता नहीं कुछ, देखूँ जब....... अपने हथेलियों को लकीरें तेरी लिए 💕💕💕

nice line
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