Thursday, February 13, 2020

Yaadon ki almari....


मेरी अलमारी में रखें है.... कुछ कोरे पन्ने !

कैद है जिसमें मुफ़लिसी में देखें..... कई सपनें 💝💝

वहीं पास पड़ा हैं,..... एक डायरी अपना !

ऊपर लिखा था जिसके,....."एक सपना "

अल्फ़ाज़ों में छिपी बैठी ..... सीने की तपिश जहाँ !

बन गयी है आज......ख़लिश की निशानी यहाँ 💗💗

बिसरी रातें,......तेरी पनाह में बीती ....यादें हैं कुछ !

आँखों के पन्ने पलटनें......अक़सर आते हैं सचमूच 💑💑

इक सूखा पत्ता,....पन्ने की ओट लिए पड़ा हैं.....तेरा मेरा नाम जिसमें जड़ा है !

चल तो रही है,...साँसें रेस की तरह.....पर धड़कनें,.....दिल रोके खड़ा है 💕💕

चुराया हर लम्हा,.... दर्ज़ है अश्कों की श्याही से !

कतरन भी बचे है कुछ अरमानों के,.....जो गिरी है घुन लगी दीवारों से 💘💘

देखो तो वक़्त ए इश्क़ ने,.... क्या क्या बदल दिया !

इश्क़ वफ़ा के खेल में......दिल को Almari बदल दिया 💓💓💓

1 comment:

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