If you are feeling heartbroken and looking for sad shayari in hindi, these emotional lines will express your feelings perfectly. sometimes pain cannot be explained, but words can help you release your emotions. these sad love shayari are perfect for those who are going through breakup or loneliness.
Saturday, May 16, 2026
Jarurat Kya Haii...,
Saturday, May 09, 2026
Kuch Ankahein Si....,
मासूम दिल में छुपे हैं, अनकहे से अफ़साने,
लब खामोश हैं, मगर ये आँखों में बवंडर क्यों है !!
ना हाथों में हाथ है , ना आँखों से मुलाक़ात,
फिर भी रातों को ,रहता "हम्म " का इंतज़ार क्यों है !!
कोई पास होकर भी, बहुत दूर सा लगता है, 💑
पर एक अजनबी, लगता दिल के इतना अंदर क्यों है !!
बस दोस्ती की राह पर, हमने बढ़ाए थे कदम,
फिर उसकी हर बात का, होने लगा असर क्यों है !!
कभी कुछ रिश्ते, बिना नाम के भी खास होते हैं,
पर ये बात कहीं आम न हो, लगता फिर इसे डर क्यों है !!
वो कम बोलता है, मगर महसूस हुआ उसे भी है,
उसकी ख़ामोशी में भी, जिक्र ये बार - बार क्यों है !!
ए खुदा, तेरे इस जहाँ में ये मंजर क्यों है,
छोटी बातों का भी होता, इतना असर क्यों है !! 💕💕💕
Tuesday, April 28, 2026
Num aakhon ka aasmaan.....,

Thursday, March 20, 2025
Hamare Beech.......,
Saturday, November 16, 2024
Jaa...Rahi Thi Mein
Saturday, July 22, 2023
Jadoo.....
Recent Post :-
Khamoshi Ka Loktantra...,
कहते है ये लोकतंत्र है...., जहाँ हर आवाज को मिला,पूरा गगन है, हर जुबां को मिला,बोलने का अधिकार, फिर क्यों, लंबी कतार उन शब्दों की है, ...
Most Loved Hindi Poetry :-
-
कैसे बताऊ तुम्हें मेरे लिए तुम क्या हो ? 💕 मस्जिद की पहली अज़ान हो तुम, माँगा जिसे रोज़ दुआओं में हम , रात सिरहाने खुले थे जो ख़्वाब, उसकी ह...
-
ऐसा कोई ज़िंदगी में........पहले तो नहीं था, इन आँखों का तेरे बिना.......गुज़ारा भी कहाँ था, देख तुझे अक़्स अक़सर, इश्क़ फ़रमाते हैं, नज़र...
-
लिखने को आज अल्फ़ाज़ ही नहीं हैं, तेरे ख्यालों में गुम हूँ कुछ इस तरह मैं, गा तो रही हूँ आज भी पर वो साज़ ही नहीं है !! 💕 खुली किताब सा रखा था...
-
सड़कों पर दौड़ती भीड़ की रफ्तार कहती है, देश आगे बढ़ रहा, हमारी सरकार हमसे कहती है, ऊँची - ऊँची इमारतों के शीशों में, विकास निरंतर आगे बढ़ रहा...
-
याद है मुझे....., पहली मौसमी बरसात में, मिले थे हम, वो भीगी सड़कें और वो ठहरी शाम, गुज़रते लम्हों की महक में, बस सपने बुन रहा था मैं , तेरे स...
-
कितना अलबेला है संसार......., उबड़ खाबड़ पगडण्डियाँ शरद से सुखी पड़ी है सारी डंडियाँ, लो हो गई नए रुत की शुरूवात लगने लगी फिर ओसों की क...
-
शब्दों की भी एक उम्र होती है...., इनके जनम से पहले, धरती ने भी मौन में ही, पहली बारिश सुनी होगी, जब माताओं ने बिना कुछ कहे, पहली बार अपन...




