गुज़रा इसलिए...... अब किताबें छोड़ Mobile
से होती है सबकी बातें रोज़ाना 📱📱
लगते थे जहाँ क़िताबों के मेले 📚📙📚📕
Dil की तरह ये भी थे कई Section खोलें !!
किताबों की अदलाबदली में हो जाती थी ,
अक़सर दिल की हेराफेरी..... आती थी अकेली,
निकली बन किसी और की सहेली 💑💑
कैमरे की नज़र से हर कोना सहमा रहता था ऐसे 📷📷
Silence का बोर्ड दीवारों पर नहीं जुबां पर लगा हो जैसे !!
फ़िर भी आँखे भेजती थी Signal📡 और Dil बात करता था ,
पन्नों में छिपी पर्ची जब राज बयां करता था 💕💕💕
तब क़िताबें ही दिल की Dating Fix किया करता था !!
ख़ामोश पन्नों में दबे जज़्बात और अल्फ़ाज़ होते थे 💬💬💬
तन्हाँ लम्हों में अक़सर हम इनके ही साथ होते थे !!
अब library हमारी राह देखती है 😐😐😐
और हम ज़िंदगी से खूबसूरत पल छाँटते हैं !
और क़िताबें 📘📗...... बंद अलमारी से झाँकती हैं !!


nice lines
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