तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है.............
जहाँ तलक जाए ये नज़रे........
लगे नज़ारों में तेरी कमी सी है,
तेरे बैगैर राहें भटक गई थी कहीं
ढूँढा हर शह, हर गली, हर मीनारों में,
तुझ में खोकर हि हुई पूरी तलाश मेरी
अब सिर्फ तू ही अपना जो रोशन गैरों की महफ़िल में है,
तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है...........
ये आसमां ये सितारें कर रहें जहां रौशन
फ़िर भी बैठा हूँ मैं शाम -ए- ग़म के अँधेरों में,
तलाश में तेरी कई मुद्दत से हूँ मैं
ख़फ़ा हूँ पर तुझ में हूँ बाकि जगह लापता हूँ मैं,
मैं हूँ एक जलता दिया तू जिसकी रोशनी है
क्या कहूँ तुझ बिन ज़िंदगी लगती अधूरी है
पनाह में तेरी हर हसरतें भी मेरी क़ामिल है
तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है..........
जहाँ तलक जाए ये नज़रे........
लगे नज़ारों में तेरी कमी सी है,
तेरे बैगैर राहें भटक गई थी कहीं
ढूँढा हर शह, हर गली, हर मीनारों में,
तुझ में खोकर हि हुई पूरी तलाश मेरी
अब सिर्फ तू ही अपना जो रोशन गैरों की महफ़िल में है,
तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है...........
ये आसमां ये सितारें कर रहें जहां रौशन
फ़िर भी बैठा हूँ मैं शाम -ए- ग़म के अँधेरों में,
तलाश में तेरी कई मुद्दत से हूँ मैं
ख़फ़ा हूँ पर तुझ में हूँ बाकि जगह लापता हूँ मैं,
मैं हूँ एक जलता दिया तू जिसकी रोशनी है
क्या कहूँ तुझ बिन ज़िंदगी लगती अधूरी है
पनाह में तेरी हर हसरतें भी मेरी क़ामिल है
तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है..........





