पापा कहते हैं...........,
हर दर माँगी दुआ,..... मिली तू सौग़ात हैं !
पल - पल पास रह देती,..... तू सुखद अहसास हैं !!
सबके लिए तू बेटी......,
पर इस घर कि,..... तू पूँजी हैं !
उम्र भर जमा की,...... खुशीओं की तू वो पेटी हैं !!
पाया मुझसे जीवन,.... पर प्यार तेरा सबपे भारी हैं !
हर सम्मान और हर अवसर की,..... तू अधिकारी हैं !!
क्यों मानू ऐसे रिवाज़ों को,...... जो तुझे मुझसे दूर करें !
अपनी हि काया का टुकड़ा,...... जग के लिए बलिदान करें !!
परायाधन बता तुझे,.....कैसे कोई कन्यादान करें !!!
मन में सबके एक बात,...... अब तक न समाई !
उम्मीद का दिया जला,...... हर पिता करें बेटी की बिदाई !!
जान है सबकी वो,....न है दान की पेटी,...न हि चीज़ कोई जो हो जाए पराई !!
जिन हथेलिओं ने थामा,..... तेरा बचपन,.... देखा संग हर उपवन !
कैसे इन हाँथों से तेरी विदाई हो,.....रहते है दिल में जो और आँखों में बसते हैं !!
पापा अक़सर ये कहते हैं........,

wow...nice
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