Sunday, March 01, 2020

Rishton Ki Holi...


बचपन की टोली संग...... रंगों की होली  💦💦💦

मनचाहें रंगों से जहाँ .......  भरी होती थी झोली  !

बेधड़क निकल गलियों में...... फिर बना टोली  !!

आओं फिर से  "मैं " को छोड़...... हो जाए  "हमजोली "

उड़ाये मन के परिंदे..... बचे न कोई पंख कोरी !

ऐसी हो यारों हर...... फ़ागुन की होली  💞💞💞

बिखरु रंगों सा..... न पूछूँ क्या जात है तेरी !

निखरे मन ऐसे...... खुल जाये हर बंधन की डोरी !!

मग्न बैठ अपनों संग..... करते थे हम ठिठोली !

रंगों की मिलावट से थी......, 

               ....... रिश्तों की सजावट अनोखी 💃💃💃

एक बार फ़िर......, 

बड़ों ने प्यार और दुआ से....... भड़ दी है मेरी झोली !

गुजियों से आज फिर  ...... लदी है मेरी हथेली !!



                                     " हर रंग में हर धर्म और हर भाषा समाई हैं  🙇🙇🙇  "

                                         " तू मान या न मान पर ये सच्चाई हैं 🙏🙏🙏  "










2 comments:

  1. फेंटास्टिक। हैप्पी होली दी

    ReplyDelete

If you have any doubts let me know.

Recent Post :-

Khamoshi Ka Loktantra...,

कहते है ये लोकतंत्र  है....,   जहाँ हर आवाज को मिला,पूरा गगन है,  हर जुबां को मिला,बोलने का अधिकार,  फिर क्यों, लंबी कतार उन शब्दों की है,  ...

Most Loved Hindi Poetry :-